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𝟭𝟴+ 𝗡𝗬𝗠𝗣𝗛𝗢𝗠𝗔𝗡𝗜𝗔𝗖 (𝟮𝟬𝟭𝟯) 𝗛𝗶𝗻𝗱𝗶 𝗗𝘂𝗯𝗯𝗲𝗱
𝗚𝗲𝗻𝗿𝗲: इरोटिक, ड्रामा, थ्रिलर

“एक महिला की कामुकता के माध्यम से आत्म-खोज”

𝗜𝗻𝘁𝗿𝗼𝗱𝘂𝗰𝗲:
मूवी: “Nymphomaniac: V¹”
अभिनय: चार्लोट गेन्सबर्ग, स्टेलन स्कार्सगार्ड, स्टेसी मार्टिन, शिया ला बियॉफ़, क्रिश्चियन स्लेटर, जेमी बेल, उमा थुरमन, जीन-मार्क बर्र, विलेम डैफ़ो, कोनी नीलसन आदि।
निर्देशक और लेखक: लार्स वॉन ट्रायर।
रिलीज़ की तारीख: 25-12-2013 (डेनमार्क), 01-01-2014 (बेल्जियम और फ्रांस) और 20-02-2014 (जर्मनी)।
रनटाइम: 117 मिनट।
देश: डेनमार्क, जर्मनी, फ्रांस और बेल्जियम।
भाषा: अंग्रेजी।

𝗦𝘁𝗼𝗿𝘆𝗟𝗶𝗻𝗲:
देर रात, भारी बारिश के बीच बुरी तरह से घायल और बदहवास अवस्था में “जो” (Joe) को जब “सेलिगमैन” (Seligman) नाम का एक विद्वान व्यक्ति ढूंढ निकालता है, तब एक असामान्य कहानी से पर्दा उठने लगता है।

  • जो- जो खुद को एक स्व-घोषित ‘निम्फोमेनियाक’ (nymphomaniac) बताती है, सेलिगमैन के शांत कमरे में आश्रय लेकर अपने जीवन के कामुक और अपरंपरागत रास्तों की कहानी सुनाना शुरू करती है। जो की कहानी केवल शारीरिक संबंधों के बारे में नहीं है, बल्कि यह तीव्र संवेदनाओं और अस्तित्व के गहरे अर्थ को खोजने का एक दार्शनिक प्रयास है।
  • सेलिगमैन, अपने गणितीय और सैद्धांतिक दृष्टिकोण से, जो के जीवन के अनुभवों को समझने की कोशिश करता है। जो अपनी किशोरावस्था के उस समय का वर्णन करती है, जब उसने और उसकी सहेली ‘बी’ ने शारीरिक आकर्षण के बीच एक नए खेल को जन्म दिया था।
  • वे एक ठंडी, प्रतिस्पर्धी मानसिकता के साथ अपने पहले शारीरिक अनुभव की ओर बढ़ती हैं। उनका लक्ष्य यह था कि कौन कितनी जल्दी और कितनी अधिक संवेदनशीलता का अनुभव कर सकता है। यह अनुभव जो के भीतर अदम्य कामवासना को जगा देता है, जो उसे कभी शांत नहीं रहने देता।
  • उसकी यह तीव्र इच्छा ही उसके जीवन की प्रेरक शक्ति बन जाती है, जो उसे एक के बाद एक शारीरिक संबंधों की ओर खींचती चली जाती है- मानो वह जीवन को अपनी सभी इंद्रियों से, हर पल, चरम सीमा तक महसूस करना चाहती है……………..
𝗥𝗲𝘃𝗶𝗲𝘄:

  • “जो”- केवल एक ‘निम्फोमेनियाक’ नहीं है, वह एक ऐसी महिला है जो अस्तित्व के अर्थ और शारीरिक संवेदनशीलता को खोजने के लिए बेताब है। उसकी कामुकता कोई विकृति नहीं है, बल्कि उसके लिए यह जीवन के सबसे शुद्ध और तीव्र अनुभवों को प्राप्त करने का एक माध्यम है। वह दिखाती है कि जब समाज और संस्कृति इंसान की बुनियादी इच्छाओं को सीमित करते हैं, तो कोई व्यक्ति कैसे अपने शरीर के माध्यम से उन सीमाओं को तोड़ना चाहता है। अपने पिता की मृत्यु और उस दौरान वास्तविक दुःख को महसूस करने का उसका अनुभव यह साबित करता है कि वह वास्तव में भावनाओं की तलाश में थी, केवल यौन सुख की नहीं।
  • “सेलिगमैन”- जो एक श्रोता है और ज्ञान, विश्लेषण तथा निष्पक्षता का प्रतीक है। वह कामुकता और इच्छाओं के प्रति समाज के बौद्धिक और तटस्थ दृष्टिकोण को दर्शाता है। वह जो के अनुभवों को किसी भी नैतिक मापदंड से नहीं आंकता, बल्कि उनकी तुलना विभिन्न ऐतिहासिक, वैज्ञानिक और गणितीय घटनाओं से करता है। उसके माध्यम से दर्शकों को यह संदेश दिया जाता है कि इच्छा और कामुकता को पाप के रूप में देखने के बजाय, इसे प्रकृति का एक अभिन्न अंग या एक प्रकार के गणितीय समीकरण के रूप में देखा जाना चाहिए!
  • “जेरोम”- जो जो का प्रेमी है, वह एक आम आदमी है जो जो को एकनिष्ठ, स्थिर और समाज द्वारा स्वीकार्य जीवन देना चाहता है। वह समाज के उस ढांचे को प्रस्तुत करता है जहां प्यार और रिश्तों को एक निश्चित परिभाषा में बांध कर रखा जाता है। वह विफल रहता है, क्योंकि जो की इच्छाएं उस परिभाषा से कहीं अधिक बड़ी हैं। वह यह साबित करता है कि जो की समस्या व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि उसकी इच्छाएं उस सामाजिक ढांचे के लिए Too big to fit थीं।
  • अंततः- यह एक साहसिक और दार्शनिक कहानी भी है, जो इंसान के भीतर की सबसे आदिम कामवासना से डरे बिना उसे उजागर करती है। अंतिम अनुभूति यह है कि- जो का जीवन एक चरम त्रासदी है, क्योंकि उसने अपने जीवन की सभी भावनाओं को केवल एक ही रास्ते (कामुकता) के माध्यम से महसूस करना चाहा।
𝗜𝗻𝘀𝘁𝗿𝘂𝗰𝘁𝗶𝘃𝗲:
“इंसान की इच्छाओं, विशेषकर महिलाओं की इच्छाओं को स्वाभाविक माना जाना चाहिए और उन्हें नैतिकता के तराजू पर नहीं तौला जाना चाहिए। और जब जीवन से खुशी के स्रोत और संवेदनशीलता खो जाती है, तो इंसान हताश होकर उस खालीपन को भरना चाहता है।”

‎Iᴍᴅʙ Rᴀᴛɪɴɢ- 6.9/10
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